DEMONSTRATION OF BOOK – REVIEW

http://library1023.blogspot.com/2018/05/demonstration-of-book-review.html

Advertisements

शीर्षक : – नैतिक कहानियाँ लेखक : – सुभद्रा मालवीय प्रकाशक : – राजपाल एंड सन्स , नई दिल्ली पृष्ठ : -१०६ मूल्य : -रूपये ५०.०० राजपाल एंड सन्स , नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित श्रीमती सुभद्रा मालवीय की पुस्तक ” नैतिक कहानियाँ ” की समीक्षा करते हुए बड़ी ख़ुशी हो रही है. हमने इस पुस्तक की सभी कहानियाँ पढी और सबका पूरा आनंद उठाया .वास्तव में यह पुस्तक मनोरंजक,ज्ञानवर्धक एवम प्रेरणादायक है. इस पुस्तक में कुल २५ कहानियाँ हैं .मैं यहाँ ” तीन मुर्ख विद्वान ” कहानी पर अपने विचारों को प्रस्तुत करना चाहते हैं. कहानी इस प्रकार है :- चार बालक शिक्षा के लिए काशी गए .उनमे तीन तो विद्वान थे पर बुद्धिमान नहीं थे पर एक बालक विद्वान नहीं पर होशियार अवश्य था. शिक्षा समाप्त होने पर वे सभी अपने घरों की ओर चल पड़े . रास्ते में एक जंगल था. एक शेर का कंकाल पड़ा हुआ था. तीनो विद्वानों ने कहा – हम लोग अपनी विद्या से इस शेर को फिर से जीवित करेंगे.कम विद्वान मित्र बोला – अरे ! मित्रों ऐसा अनर्थ मत करना . यदि यह शेर जीवित हुआ तो हम सबको मार कर खा जायेगा. तीनो मित्रों ने कहा – तुम पढने – लिखने में कमजोर हो इसलिए हम विद्वानों के बीच में मत पदो. यदि तुम्हे डर लगता है तो तुम यहाँ से दूर चले जाओ. चौथा मित्र पास के एक पेड़ पर चढ़ गया . तीनो मित्रों ने अपनी-अपनी विद्याओं से उस मरे हुए शेर को जीवित कर दिया. उस शेर उन तीनो विद्वान मित्रों को मर कर खा गया. शिक्षा : ” हम सभी को विद्या के साथ-साथ अपनी बुद्धि का भी प्रयोग करना चाहिए ” नहीं तो हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है ठीक उसी तरह जैसे उन तीनो विद्वानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. अंत में मैं कहना चाहूंगा कि यह पुस्तक पठनीय एवम संग्रहणीय है. द्वारा :- हर्ष गौर कक्षा ;- 6पुस्तक – समीक्षा

Source: पुस्तक – समीक्षा

SCRAPPED BOOKS EXHIBITION

                 केन्द्रीय विद्यालय लखीमपुर – खीरी 

                              तराशी पुस्तक प्रदर्शनी

                    SCRAPPED BOOKS EXHIBITION

दिनांक : 15/01/2018

 

           विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवम् रचनात्मक कौशल को विकसित करने के लिये तथा उन्हें साकार करने के लिये पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा निरन्तर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है ; उनके साकार सपनों के रूप में तराशी पुस्तिकाओं की प्रदर्शनी  आज दिनांक : 15/01/2018 को सबके समक्ष प्रस्तुत किया गया ; जिसका उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सावित्री देवी के कर-कमलों द्वारा समपन्न हुआ . प्रत्येक विद्यार्थी ने एक लेखक एवम् शीर्षक के रूप में अपनी – अपनी प्रतिभाओं का प्रर्शन तराशी पुस्तिकाओं के रूप में किया . सभी दर्शकों ने विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवम् रचना धर्मिता की भूरि – भूरि सराहना की . विद्यालय की प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में कल्पना शक्ति एवम् रचना शक्ति छिपी होती है लेकिन आवश्यकता है कि उनके रचनात्मक कौशल को विकसित एवम् प्रदर्शित कर  प्रोत्साहित किया जाय .

 

SCRAPED BOOKS PHOTOES