पुस्तक – समीक्षा

पुस्तक – समीक्षा

शीर्षक : – पंचतंत्र की कहानियाँ

लेखक : – विष्णु शर्मा

प्रकाशक : – विकास पेपर बैक्स , नई दिल्ली

पृष्ठ : – 50

मूल्य : – 50.00 रूपये

 

                           इस पुस्तक की समीक्षा करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है I हमने ध्यान से इस पुस्तक को पढ़ा और प्रत्येक  का कहानी का भरपूर आनन्द उठाया I  वास्तव में यह पुस्तक मनोरंजक , ज्ञानवर्धक एवम् प्रेरणादायक है I इस पुस्तक में मात्र दस कहनियाँ हैं I यहाँ पर हम ” प्यासा कौव्वा ” कहानी पर अपने विचारों को व्यक्त कर रहें हैं I  कहानी इस प्रकार है :- गर्मी की दोपहरी थी I एक ” प्यासा कौव्वा ” पानी की तलाश में इधर – उधर भटक रहा था I उसे कहीं पर भी पानी नहीं दिखाई दिया I काफी प्रयास करने पर उसे एक घड़ा दिखाई पड़ा I वह उस घड़े के पास गया और देखा कि घड़े में पानी बहुत कम था I उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुँच सकी I पर उसने हिम्मत नहीं हारी I उसने काफी सोच – विचार किया I तभी उसके दिमाग में एक जानदार उपाय आया I उसने सोचा क्यों न इस घड़े में एक – एक करके कंकड़ों को डाला जाय तो पानी निश्चित ही उपर आयेगा I वह घड़े में तब तक कंकड़ डालता रहा जब तक की पानी उपर तक नहीं आ गया I अब कौव्वे को अपनी इस सफलता पर बड़ी ख़ुशी हुई I उसने पानी पी कर अपनी प्यास बुझाई I आपने देखा !  कौव्वे ने इस कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और धैर्य से  काम लिया और शान्त दिमाग से पानी  उपर लाने पर विचार करता रहा I उसकी बुद्धि , धैर्य और मेहनत सफल हुई I

शिक्षा : – ” हमें विपत्ति में धर्य , बुद्धि और साहस से काम लेना चाहिए तभी हम कठिनाईयों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं I “

अतः पुस्तक सबके लिये पठनीय एवम् संग्रहणीय है I

द्वारा : –

नाम : – अदिति सिंह

कक्षा : – सातवीं ( 2016 – 17 )

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